SC ने गोवा विधानसभा में शक्ति परीक्षण के दिए आदेश, पर्रीकर के शपथ ग्रहण पर रोक से इनकार

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SC ने गोवा विधानसभा में शक्ति परीक्षण के दिए आदेश, पर्रीकर के शपथ ग्रहण पर रोक से इनकार

  Tue Mar 14, 2017 15:04        Hindi

उच्चतम न्यायालय ने गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में मनोहर पर्रिकर के शपथ ग्रहण पर रोक लगाने से मंगलवार को इन्कार कर दिया। साथ ही विधानसभा में शक्ति परीक्षण के लिए 16 मार्च की तारीख निर्धारित की है।

मुख्य न्यायाधीश जे एस केहर की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता चंद्रकांत कानवेकर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी और केंद्र सरकार की ओर से हरीश साल्वे की दलीलें सुनने के बाद कहा कि वह पर्रिकर के शपथ ग्रहण समारोह पर रोक नहीं लगाई जायेगी।

न्यायालय ने गोवा विधानसभा में 16 मार्च को ग्यारह बजे शक्ति परीक्षण कराने का आदेश दिया। साथ ही 15 मार्च तक शक्ति परीक्षण से जुड़ी सारी औपचारिकताएं पूरी करने का भी निर्देश दिया।

करीब पौने दो घंटे तक चली बहस पर विचार करने के बाद न्यायालय ने कहा कि वह शपथ ग्रहण समारोह पर रोक लगाने के पक्ष में नहीं है। शीर्ष अदालत ने याचिका का यह कहते हुए निपटारा कर दिया कि इस याचिका में उठाये गए सभी पहलुओं का एक मात्र जवाब है शक्ति परीक्षण, जिसके लिए गुरुवार (16 मार्च) के 11 बजे का समय निर्धारित किया जाता है।

इससे पहले शीर्ष अदालत ने सिंघवी से कई महत्वपूर्ण सवाल किये। न्यायमूर्ति केहर ने पूछा कि यदि कांग्रेस के पास बहुमत था तो उसने राज्यपाल के समक्ष जाकर इसका दावा क्यों पेश नहीं किया या राजभवन के बाहर धरना क्यों नहीं दिया? न्यायालय ने कहा कि याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में उन विधायकों की संख्या का भी जिक्र नहीं किया है, जो कांग्रेस के समर्थन में हैं।

न्यायालय ने कहा, ' यदि आपके (कांग्रेस के) पास बहुमत था तो आपने विधायकों के शपथ-पत्र क्यों नहीं साथ लाये, जिससे आपकी बहुमत साबित हो सके।' इस पर श्री सिंघवी ने कहा, ' कांग्रेस के पास पूर्ण बहुमत है और वह आज भी शक्ति परीक्षण में शामिल होने को तैयार है। '

उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने पूर्वग्रह से ग्रसित होकर भाजपा को सरकार बनाने का न्योता दिया है, जबकि कांग्रेस वहां सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। इस पर न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सबसे बड़े दल को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना संख्या बल पर निर्भर करता है।

याचिकाकर्ता ने आपात स्थिति में उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। कांग्रेस नेता ने पर्रिकर के मुख्यमंत्री के रूप में प्रस्तावित शपथ को असंवैधानिक करार देते हुए शपथ ग्रहण समारोह पर रोक की मांग की थी। याचिकाकर्ता की दलील थी कि 40-सदस्यीय गोवा विधानसभा में कांग्रेस 17 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 13 सीटों के साथ नंबर दो पर है। इसके बावजूद दूसरे नंबर की पार्टी को सरकार बनाने का मौका दिया गया है, जो गैर-कानूनी है।

शीर्ष अदालत में पूरे हफ्ते अवकाश था, लेकिन मुद्दे की गम्भीरता को देखते हुए मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष याचिका को आज सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया था। पर्रिकर शाम पांच बजे गोवा के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले हैं। गौरतलब है कि पर्रिकर ने रक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है।

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